
डिजीलॉकर क्या है?
डिजीलॉकर एक क्लाउड आधारित प्लेटफ़ॉर्म है जिसे भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया है। यह नागरिकों को उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और प्रमाणपत्रों के डिजिटल संस्करणों को सुरक्षित रूप से स्टोर, एक्सेस और साझा करने की सुविधा देता है। यह सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का एक हिस्सा है।
डिजीलॉकर की मुख्य विशेषताएं:
- शेयरिंग: आप डिजीलॉकर फ़ाइलों को स्वीकार करने वाले संगठनों के साथ दस्तावेज़ों को डिजिटल रूप से आसानी से साझा कर सकते हैं।
- दस्तावेज़ स्टोरेज: आप अपने व्यक्तिगत दस्तावेज़ों जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शैक्षिक प्रमाणपत्र आदि की स्कैन कॉपी अपलोड और स्टोर कर सकते हैं।
- जारी किए गए दस्तावेज़: कई सरकारी एजेंसियां और संस्थान आपके डिजीलॉकर खाते में सीधे सत्यापित डिजिटल दस्तावेज़ जारी कर सकते हैं (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन आरसी, सीबीएसई मार्कशीट)।
- कानूनी मान्यता: डिजीलॉकर के माध्यम से साझा किए गए दस्तावेज़ भारत के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अनुसार भौतिक प्रतियों के बराबर माने जाते हैं।
- सुरक्षित एक्सेस: यह आपके आधार नंबर से जुड़ा होता है और सुरक्षा के लिए ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग करता है।
डिजीलॉकर अकाउंट कैसे बनाएं और इस्तेमाल करें?
1. साइन अप करें

- डिजीलॉकर वेबसाइट पर जाएं या डिजीलॉकर ऐप (एंड्रॉयड/iOS) डाउनलोड करें।
- “साइन अप” पर क्लिक करें।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और “कंटिन्यू” पर क्लिक करें।
- आपके मोबाइल पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। इसे दर्ज करें।
- अपने डिजीलॉकर अकाउंट के लिए यूजरनेम और पासवर्ड सेट करें।
2. आधार लिंक करें (वैकल्पिक लेकिन अनुशंसित)

- साइन अप के बाद अपने डिजीलॉकर अकाउंट में लॉग इन करें।
- “लिंक आधार” पर जाएं।
- अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें।
- आधार लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से सत्यापित करें।
आधार लिंक करने से आप सरकारी जारी दस्तावेज़ों को स्वचालित रूप से एक्सेस कर सकते हैं।
3. दस्तावेज़ अपलोड करें (मैनुअल स्टोरेज)

- “अपलोड डॉक्युमेंट्स” पर क्लिक करें।
- अपने डिवाइस से दस्तावेज़ चुनें और अपलोड करें।
- आसान एक्सेस के लिए दस्तावेज़ को टैग कर सकते हैं (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड)।
4. जारी किए गए दस्तावेज़ प्राप्त करें (ऑटो इश्यूड)
- “जारी किए गए दस्तावेज़” पर जाएं।
- जारीकर्ता चुनें (जैसे सीबीएसई, आयकर विभाग, आरटीओ)।
- आवश्यक विवरण दर्ज करें (जैसे रोल नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर)।
- डिजीलॉकर सीधे जारीकर्ता से आपका सत्यापित डिजिटल दस्तावेज़ प्राप्त करेगा।
5. दस्तावेज़ साझा करें
- वह दस्तावेज़ खोलें जिसे आप साझा करना चाहते हैं।
- “शेयर” पर क्लिक करें और एक सुरक्षित यूआरएल या क्यूआर कोड जनरेट करें।
- लिंक संगठन के साथ साझा करें; वे इसे ऑनलाइन सत्यापित कर सकते हैं।
6. कभी भी, कहीं भी एक्सेस करें
- सभी दस्तावेज़ क्लाउड में स्टोर होते हैं और वेब या ऐप के माध्यम से एक्सेस किए जा सकते हैं।
- डिजीलॉकर कई सेवाओं जैसे डिजियात्रा, पासपोर्ट सेवा और सरकारी जॉब पोर्टल्स के साथ इंटीग्रेटेड है।
डिजीलॉकर क्लाउड में कितनी स्टोरेज मिलती है?
आप अपने डिजीलॉकर अकाउंट में 1 जीबी तक की फ़ाइलें स्टोर कर सकते हैं – इसमें आपके द्वारा मैनुअली अपलोड की गई स्कैन इमेज और डॉक्युमेंट शामिल हैं। एक फ़ाइल का आकार 10 एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए। समर्थित फॉर्मैट हैं: PDF, JPG, PNG, JPEG, BMP और GIF।
नोट: सरकारी एजेंसियों से सीधे जारी किए गए दस्तावेज़ (जैसे आपका आधार, पैन, वाहन आरसी) यूआरआई (लिंक) के रूप में स्टोर होते हैं और आपके 1 जीबी अपलोड स्टोरेज लिमिट में शामिल नहीं होते।
क्या डिजीलॉकर इस्तेमाल करने के लिए भुगतान करना होता है?
नहीं, डिजीलॉकर का इस्तेमाल करने के लिए कोई भुगतान नहीं करना होता। यह भारत सरकार द्वारा नि:शुल्क सेवा है और डिजिटल इंडिया पहल का हिस्सा है।
क्या मैं डिजीलॉकर को अपनी क्षेत्रीय भाषा में एक्सेस कर सकता हूँ?
हाँ, आप अपनी क्षेत्रीय भाषा में डिजीलॉकर एक्सेस कर सकते हैं। डिजीलॉकर कई भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है, जिनमें शामिल हैं:
- अंग्रेज़ी
- असमिया
- हिंदी
- बंगाली
- पंजाबी
- तमिल
- तेलुगु
- गुजराती
- मराठी
- कन्नड़
- मलयालम
- ओडिया
इससे इंटरफ़ेस विभिन्न भाषाओं के उपयोगकर्ताओं के लिए और भी सुलभ बन जाता है, हालांकि भाषा समर्थन ऐप या प्लेटफ़ॉर्म के आधार पर थोड़ा अलग हो सकता है।
